कृष्ण-यजुर्वेदाच्या शाखा

कृष्ण-यजुर्वेदाच्या प्रमुख शाखा

१) तित्तिरी
२) चरक
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तित्तिरीच्या शाखा

१)औख्य (आंध्र)
२) कांडिकेय (दक्षिणदेश)
आपस्तंब
बोधायनीय
देवरुख
हिरण्यकेशी
औधेय
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चरकाच्या शाखा
चरक
आव्हरक
कठ
प्राच्यकठ
कपिंचलकठ
चारयणीय
वार्तलव
श्वेत
श्वेततर
औपमन्यव
पाताण्डनीय
मैत्रायणी

॥श्रीराम समर्थ॥