भारतवर्षातील प्रमुख तीर्थक्षेत्रे

भारतवर्षातील प्रमुख तीर्थक्षेत्रे

१) कुंभमेळ्याची क्षेत्रे -

अ) प्रयाग (अलाहाबाद),
ब) हरिद्वार (हरद्वार, मायापुरी, कनखलक्षेत्र),
क) नासिक (नाशिक),
ड) उज्जैनी (उज्जैन, उज्जयिनी, अवंती)

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२) चौदा प्रयाग -
प्रयाग म्हणजे नद्यांचा संगम. चौदा प्रयागक्षेत्रे प्रसिद्ध आहेत.
अ) प्रयागराज - गंगा, यमुना, सरस्वती.
ब) देवप्रयाग - अलकनंदा, भागीरथी.
क) रुद्रप्रयाग - अलकनंदा, मंदाकिनी.
ड) कर्णप्रयाग - पिंडरगंगा, अलकनंदा.
इ) नंदप्रयाग - अलकनंदा, नंदा.
ई) विष्णूप्रयाग - अलकनंदा, विष्णूगंगा.
फ) इंद्रप्रयाग - भागीरथी, व्यासगंगा.
ग) सोमप्रयाग - सोम, मंदाकिनी.
ध) भास्करप्रयाग - भटवारी, सोम.
ट) हरिप्रयाग - हरिगंगा, भागीरथी.
ल) गुप्तप्रयाग - नीलगंगा, भागीरथी.
र) श्यामप्रयाग - श्यामगंगा, भागीरथी.
व) केशवप्रयाग - अलकनंदा, सरस्वती.
म) सूर्यप्रयाग - मंदाकिनी, अलसतरंगिणी.
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३) ग्रहणक्षेत्रे -
अ) गंगास्नानक्षेत्रे
आ) गोदावरीस्नानक्षेत्रे
इ) प्रयाग
ई) कुरुक्षेत्र
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४) मासपरत्वे स्नाने -
चैत्रात सरस्वती
वैशाखात चंद्रभागा
ज्येष्ठात कौशिकी
श्रावणात सिंधू
आषाढात तापी
भाद्रपदात गंडकी
आश्विनात शरयू किंवा नर्मदा
कार्तिकात गंगायमुना संगम
मार्गशीर्षात देविका
पौषात नर्मदा
माघात सन्निहिता
फाल्गुनात वारुणा
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५) पर्वकालातील स्नाने -
अ) चतुर्दशी
आ) अष्टमी
इ) अमावास्या
ई) पौर्णिमा
उ) सूर्यसंक्रांती (१२ राशींप्रमाणे)
ऊ) दक्षिणायन आणि उत्तरायण यांचा प्रारंभीचा समय
ए) सूर्यग्रहण व चंद्रग्रहण
ऐ) व्यतिपात योग
ओ) प्रात:, मध्याह्न, सायं
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६) त्रिस्थळी -
1) काशी (वाराणसी, बनारस), गया (पितृगया - बिहार), प्रयाग (अलाहाबाद)
2) काशी (मुक्तिक्षेत्र), रामेश्वर (प्रायश्चित्तक्षेत्र), गोकर्णमहाबळेश्वर (हेतूसिध्दर्थ्यक्षेत्र)
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७) तीन गया -
अ) मातृगया (सिद्धपूर, गुजरात)
आ) पितृगया (बिहार)
इ) शिवगया (काशी)
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८) चार धामे -
अ) उत्तर - केदारनाथ (उत्तरांचल)
आ) दक्षिण - रामेश्वर (तामिळनाडू)
इ) पूर्व - जगन्नाथपुरी (ओरिसा)
ई) पश्चिम - द्वारका (गुजराथ)
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९) चार नरकद्वारे -
अ) काम
आ) क्रोध
इ) लोभ
ई) दंभ
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१०) पंचशिळा (उत्तरांचल) -
बद्रिनारायण येथे अलकनंदेच्या पात्रात पाच तपस्व्यांच्या नावाने (नारद, नृसिंह, वराह, गरुड, मार्कंडेय) पाच शिला आहेत.
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११) पंचकाशी -
अ) वाराणसी - उत्तरप्रदेश
आ) गुप्तकाशी - उत्तरांचल
इ) उत्तरकाशी - उत्तरांचल
ई) दक्षिणकाशी (गोकर्ण महाबळेश्वर) - कर्नाटक
उ) शिवकाशी - तामिळनाडू
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१२) पंचबदरी (हिमालयात)-
अ) बदरीविशाल (बद्रिनाथ)
आ) योगध्यानबदरी
इ) भविष्यबदरी
ई) वृद्धबदरी
उ) आदिबदरी
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१३) पंचकेदार (हिमालयात -उत्तरांचल) -
अ) बदरीकेदार
आ) मध्यमहेश्वर
इ) तुंगनाथ
ई) रुद्रनाथ
उ) गोपेश्वर
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१४) पंचमहातत्त्वांप्रमाणे देवस्थाने (तामिळनाडू)-
अ) पृथ्वीतत्त्व - कांची
आ) आप - जंबुकेश्वर
इ) तेज - अरुणाचलम्‌
ई) वायू - कालहस्ती
उ) आकाश - चिदंबरम्‌
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१५) आद्यशंकराचार्यांचे चार मठ -
अ) पूर्वेस - जगन्नाथपुरी (गोवर्धन मठ)
आ) पश्चिमेस - द्वारका (शारदापीठ)
इ) उत्तरेस - हिमालयात उत्तरांचल ज्योतिर्मठ (जोशीमठ)
ई) दक्षिणेस - कर्नाटकात शृंगेरी (मुख्यपीठ)
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१६) पंचमहासरोवरे -
अ) बिंदूसरोवर (मातृगया, गुजरात)
आ) नारायण (कच्छ, गुजरात)
इ) मानस (हिमालय, चीन)
ई) पुष्कर (अजमेर, राजस्थान)
उ) पंपा (होस्पेट, कर्नाटक)

॥श्रीराम समर्थ॥